Saturday, October 17, 2009

moolled

Ek shehri babu ek gaon ke mollad se rasta bujhan lagya.Mollad bolya, "Nu kar tu yahan te khabhe ne ho liye aur aage jakke sajje ne."Babu bolya, "Bhai sahab mein ap se aap aap karkey baat kar raha hun aur aap mujjey tu tu bool rahey ho.Mollad bollya, "Pher ke tanne bapu bolun?"

saadi jat ki

Ek bhai saadi te bahut dara kare thaa. Ek bai gaam mein thanedar aaga us din us bhai ki bhans kise ki juwar kha gi. Ghana ulahana aa ya. To uske ghar wale bole, "Thanedar sahab isne dara ke ne saadi tahi tyar kara do yo saadi te bahut dare se."Thanedar ne us bhai ko dara dhamka ke bola, "Teri yehi saza hai ke tere ko saadi karni padegi."Bhai usne darte ne saadi ki haan kar li. Saadi mein jab dulhan ko uske paas laya gaya to wo bola, "E bebe teri bhans ne bhi kise ki juwar kha li thee ke?"

tau haryane ka

Ek tau bus conductor se boojhan lagya, "Re bhai manne Rohtak jana, ya bus kitt jaegi?"O bolya, "Dilli jagi".Tau pher bolya, "Per is board pe to Rohtak likh rakhya se."Conductor bolya, "Tau nu kar, tu isse board pe baeth ke bug ja pher."

jat ar teli

Teli aur jat ki is baat pe kaha suni ho gayi ke kaun ghana syana se. Dona ke beech shayari ka muqabla ho gaya. Pehelan teli ki baari thi. Usne sunaya, "Jat re jat, tere sar pe khat."Jat ne apna dimag top gear main thok diya aur bolya, "Teli re teli, tere sir pe kohlu."Teli bolya, "Arre jat ya to koi baat nahi bani."Jat bolya, "Na banne, sasurre bojh taley to dab ke marega."

Thursday, July 16, 2009

शेरों वाली गली में

एक आदमी आधी रात को एक गली के सामने खड़ा था। एक सिपाही जो गश्त के दौरान उधर से गुजर रहा था उसे खड़ा देखकर रुक गया। उसने कड़क कर पूछा - कौन है ? जी, शेर सिंह । बाप का नाम ? शमशेर सिंह । कहां रहते हो ? शेरों वाली गली में । यहां क्यों खड़े हो ? जी, कैसे जाऊं ? गली में कुत्ते भौंक रहे हैं ...... ।

''ये पहली बार है!

एक दंपत्ति ने जब अपनी शादी की 25 वीं वर्षगांठ मनाई तो एक स्थानीय समाचारपत्र का संवाददाता उनका साक्षात्कार लेने उनके घर जा पहुंचा। दरअसल वे दंपत्ति अपने शांतिपूर्ण और सुखमय विवाहित जीवन के लिये पूरे कस्बे में प्रसिध्द हो चुके थे। उनके बीच कभी कोई तकरार नाम मात्र के लिये भी नहीं हुई । संवाददाता उनके सुखी जीवन का राज जानने के लिये उत्सुक था। पति ने बताया - हमारी शादी के फौरन बाद हमलोग हनीमून मनाने के लिये शिमला गये हुये थे। वहां हम लोगों ने घुड़सवारी की। मेरा घोड़ा तो ठीक था पर जिस घोड़े पर मेरी पत्नी सवार थी वह जरा सा नखरैल था। उसने दौड़ते दौड़ते अचानक मेरी पत्नी को नीचे गिरा दिया। पत्नी ने घोड़े की पीठ पर हाथ फेरते हुये कहा - यह पहली बार है । और फिर उसी घोड़े पर सवार हो गई। थोड़ी दूर चलने के बाद घोड़े ने फिर उसे नीचे गिरा दिया। पत्नी ने अबकी बार कहा - यह दूसरी बार है। और फिर उसी घोड़े पर सवार हो गई । तीसरी बार जब घोड़े ने उसे नीचे गिराया तो मेरी पत्नी ने घोड़े से कुछ नहीं कहा, बस अपने पर्स से पिस्तौल निकाली और घोड़े को गोली मार दी। मैं अपनी पत्नी पर चिल्लाया - ''ये तुमने क्या किया ! तुमने एक बेजुबान जानवर को मार दिया......! क्या तुम पागल हो गई हो ?''पत्नी ने मेरी तरफ देखा और कहा - ''ये पहली बार है!''और बस, तभी से हमारी जिंदगी सुख और शान्ति से चल रही है।

वेरी फास्ट! मेड इन इंडिया।"

एक जापानी पर्यटक भारत की सैर पर आया हुआ था। आखिरी दिन उसने एयरपोर्ट जाने के लिए एक टैक्सी ली और ड्राइवर बन्ता सिंह को चलने को कहा। यात्रा के दौरान एक 'होण्डा' बगल से गुज़र गयी। जापानीज़ ने उत्तेजित होकर खिड़की से सिर निकाला और चिल्लाया‚ "होण्डा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!" कुछ देर बाद एक 'टोयोटा' तेज़ी से टैक्सी के पास से गुज़र गयी‚ और फिर जापानी बाहर झुका और चिल्लाया‚ "टोयोटा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!" और फिर एक 'मित्सुबिशी' टैक्सी की बगल से गुज़री। तीसरी बार जापानी खिड़की की ओर झुकते हुए चिल्लाया‚ "मित्सुबिशी‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!" बन्ता थोड़ा ग़ुस्से में आ गया मगर चुप रहा। और कई सारी कारें गुज़रती रहीं। आखिरकार टैक्सी एयरपोर्ट तक पहुँच गयी। किराया 800 रु. बना। जापानी चीखा‚ "क्या? . . . इतना ज़्यादा!" अब बन्ता के चिल्लाने की बारी थी‚ "मीटर‚ वेरी फास्ट! मेड इन इंडिया।"

हमारा खरगोश मर गया

एक दिन जब संता घर लौटा तो उसने देखा कि उसका कुत्ता पड़ोसी के पालतू खरगोश को मुंह में दबाये भागता चला आ रहा है। किसी तरह उसने कुत्ते से खरगोश को छुड़ाया। परन्तु खरगोश मर चुका था। यह सोचकर कि कहीं पड़ोसी ने देख लिया तो बवाल खड़ा कर देगा, वह खरगोश को फौरन घर के अंदर ले गया। अंदर ले जाकर उसने खरगोश को अच्छी तरह नहला कर साफ किया। उसके बाल संवारे ताकि कुत्ते के दांतों के निशान दिखाई न दें और पड़ोसी की नजर बचाकर वापस उसके पिंजरे में रख आया ताकि पड़ोसी समझे कि वह अपनी स्वाभाविक मौत मरा है।
कुछ दिनों बाद, एक सुबह, उसकी पड़ोसी से मुलाकात हुई। पड़ोसी ने संता को बताया - भाईसाहब, पिछले दिनों हमारा खरगोश मर गया ?
- कैसे ? कब ? आखिर हुआ क्या था उसे ? संता ने अनजान बनने का ढोंग करते हुए पूछा ।
- क्या हुआ था यह तो पता नहीं । एक दिन उसने अचानक खाना पीना बन्द कर दिया और अगले दिन मर गया। पड़ोसी ने बताया।
- च..... च........ बहुत बुरा हुआ। संता ने अफसोस जाहिर किया।
- हां ..... उसके बाद तो और भी बुरा हुआ । पड़ोसी ने कहा।
- अच्छा ? उसके बाद क्या हुआ ?
- जिस दिन खरगोश मरा था हमने उसी दिन उसे अपने बगीचे में एक जगह गाड़ दिया था मगर उसके अगले दिन न जाने किस कम्बख्त ने उसे वहां से निकाला, नहलाया-धुलाया और वापस पिंजरे में रख आया ...... !

शेरनी

एक आदमी एक खतरनाक शेरनी खरीदकर घर ले आया। उससे उसकी इस अनोखी खरीद की वजह पूछी गई तो उसने उदास स्वर में बताया - पिछले महीने मेरी बीबी चल बसी। अब उसके बिना घर बड़ा सूना सूना लगता है मुझे

'शक्कर मात्र 15 रु. किलो''

एक गली में दो दुकानदार थे, राम और श्याम। श्याम की दुकान पर एक तख्ती लगी थी - ''शक्कर मात्र 15 रु. किलो'' । एक औरत आई और उसने दो किलो शक्कर देने को कहा। ''माफ कीजिये, पर आज माल खत्म हो गया। आप सोमवार को आइये तब तक और आ जायेगा।''औरत को शक्कर तुरंत चाहिये थी। वह राम की दुकान पर पहुंची। वहां पता चला कि शक्कर का भाव 20 रु. किलो है। औरत ने विरोध किया - ''श्याम की दुकान पर शक्कर केवल 15 रू. किलो है। आप के यहां इतनी मंहगी क्यों ?''''जब हमारा माल खत्म हो जायेगा तो हमारे यहां भी 15 रु. किलो हो जायेगी'' दुकानदार ने जवाब दिया।

vo hi karunga jo jaipur mein kiya tha

एक बंदूकधारी घुड़सवार अपनी यात्रा के दौरान एक जगह चाय पीने के लिये रुका। उसने अपना घोड़ा चाय के होटल के पास एक पेड़ से बांध दिया और अंदर चाय पीने चला गया। जब वह लौटा तो पाया कि उसका घोड़ा जगह पर नहीं है। किसी ने उसे चुरा लिया था। घुडसवार ने बंदूक से एक हवाई फायर दागा और चिल्ला चिल्ला कर कहने लगा - ''जिसने भी मेरा घोड़ा चुराया है वो सुन ले! मैं एक चाय और पीने अंदर जा रहा हूं। इस बीच अगर मेरा घोड़ा वापस जगह पर नहीं मिला तो याद रखना ....। इस जगह वही हाल करूंगा जो घोड़ा चोरी होने पर मैंने जयपुर में किया था!'' चाय पीकर जब वह लौटा तो उसका घोड़ा अपनी जगह पर वापस बंधा था। वह उसपर सवार होकर चलने लगा तभी होटलवाले ने आवाज देकर उसे रोका - ''भाई, जरा वो किस्सा तो सुनाते जाओ । जयपुर में आखिर आपने क्या किया था ?''''करना क्या था! वहां से पैदल ही चला गया था!''

do bhai

दो भाई थे। एक की उम्र 8 साल दूसरे की 10 साल। दोनों बड़े ही शरारती थे। उनकी शैतानियों से पूरा मोहल्ला तंग आया हुआ था। मातापिता रातदिन इसी चिन्ता में डूबे रहते कि आज पता नहीं वे दोनों क्या करें। एक दिन गांव में एक साधु आया। लोगों का कहना था कि बड़े ही पहुंचे हुये महात्मा है। जिसको आशीर्वाद दे दें उसका कल्याण हो जाये। पड़ोसन ने बच्चों की मां को सलाह दी कि तुम अपने बच्चों को इन साधु के पास ले जाओ। शायद उनके आशीर्वाद से उनकी बुध्दि कुछ ठीक हो जाये। मां को पड़ोसन की बात ठीक लगी। पड़ोसन ने यह भी कहा कि दोनों को एक साथ मत ले जाना नहीं तो क्या पता दोनों मिलकर वहीं कुछ शरारत कर दें और साधु नाराज हो जाये। अगले ही दिन मां छोटे बच्चे को लेकर साधु के पास पहुंची। साधु ने बच्चे को अपने सामने बैठा लिया और मां से बाहर जाकर इंतजार करने को कहा । साधु ने बच्चे से पूछा - ''बेटे, तुम भगवान को जानते हो न ? बताओ, भगवान कहां है ?''बच्चा कुछ नहीं बोला बस मुंह बाए साधु की ओर देखता रहा। साधु ने फिर अपना प्रश्न दोहराया । पर बच्चा फिर भी कुछ नहीं बोला। अब साधु को कुछ चिढ़ सी आई। उसने थोड़ी नाराजगी प्रकट करते हुये कहा - ''मैं क्या पूछ रहा हूं तुम्हें सुनाई नहीं देता । जवाब दो, भगवान कहां है ?'' बच्चे ने कोई जवाब नहीं दिया बस मुंह बाए साधु की ओर हैरानी भरी नजरों से देखता रहा। अचानक जैसे बच्चे की चेतना लौटी। वह उठा और तेजी से बाहर की ओर भागा। साधु ने आवाज दी पर वह रूका नहीं सीधा घर जाकर अपने कमरे में पलंग के नीचे छुप गया। बड़ा भाई, जो घर पर ही था, ने उसे छुपते हुये देखा तो पूछा - ''क्या हुआ ? छुप क्यों रहे हो ?''''भैया, तुम भी जल्दी से कहीं छुप जाओ।'' बच्चे ने घबराये हुये स्वर में कहा। ''पर हुआ क्या ?'' बड़े भाई ने भी पलंग के नीचे घुसने की कोशिश करते हुये पूछा। ''अबकी बार हम बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं। भगवान कहीं गुम हो गया है और लोग समझ रहे हैं कि इसमें हमारा हाथ है!''

kaber

एक अंग्रेज अपनी मां की कब्र पर फूल चढ़ाने के लिये कब्रिस्तान गया तो देखा कि पास की कब्र पर एक आदमी जार-जार रो रहा था। वह आदमी रोते रोते कह रहा था - ''तुम क्यों चले गये? तुम्हें नहीं जाना था। तुम्हारे जाने से मेरी जिन्दगी कितने कष्टों से भर गई है तुम कभी नहीं समझ पाओगे। हाय, तुम क्यों चले गये ?''अंग्रेज उसके पास पहुंचा और बोला - ''भाई, हौसला रखो । एक दिन सभी को यहीं आना है। यह तो संसार का नियम है।''आदमी को इससे कुछ ढाढ़स मिला और उसका रोना कम हुआ । अंग्रेज ने उससे पूछा - ''भाई, ये किसकी कब्र है? तुम्हारी मां की ? या फिर पिता की ?''आदमी जिसने अब तक खुद को संभाल लिया था, बोला - ''मेरी बीबी के पहले पति की।''

phit pati

हीरोइन ने अपनी मम्मी से पूछा----"मैं जिस फ़िल्म की शूटिंग आजकल कर रही हू उसके हीरो और विलेन दोनो ही मुझसे शादी करना चाहते हैं, असल ज़िंदगी के लिए कौन सा पति की भूमिका मे फ़िट रहेगा"माताज़ी ने अपना संपूर्ण अनुभव इस्तेमाल करते हुए नेक सलाह दी-----"बेटी, मेरी मान तो विलेन से शादी कर ले क्योंकि हीरो को तो पीटने की आदत होती है जबकि विलेन पिट कर भी हँसता रहता है .

hilta hua gate

एक शराबी ने एक दिन कुछ ज्यादा ही पी ली। लडखड़ाते कदमों से किसी तरह घर के दरवाजे तक पहुंचा और जेब से चाभी निकालकर ताला खोलने की कोशिश करने लगा।
नशा ज्यादा होने की वजह से वह चाभी को ताले में डाल ही नहीं पा रहा था। चाभी कभी इधर हो जाती कभी उधर । उसे परेशान होते देख पास ही खड़े एक व्यक्ति ने उसकी मदद करनी चाही ।
पास आकर बोला - लाओ चाभी, ताला मैं खोल देता हूं।
शराबी बोला - नहीं, नहीं, ताला तो मैं खोल लूंगा। तुम तो बस जरा दरवाजे को पकड़ के रखो।

biwi kha jaygi

चोर - तुम्हारी जेब में जो कुछ है फटाफट निकाल दो ।

संता - भाईसाहब, ऐसा मत कीजिए। अगर मैं खाली जेब लेकर घर गया तो मेरी बीबी मुझे कच्चा चबा जाएगी।

चोर - और अगर मैं खाली हाथ घर पहुंचा तो मेरी बीबी क्या मुझे तल के खाएगी ,,,,

Tau aur sardar

Haryanvi Tau: Ek bar mere upar se ek scooter nikal gaya, par mujhe kutch bi nahi hua.
Punjabi Sardar: Yeh to kutch bhi nahi... Ek bar mere upar se aeroplane nikal gaya tha, par mujhe kutch bi nahi hua.

Tau ki bus yatra

ताऊ बैठा हरियाणा रोड्वेस् की बस मै सफ़र करे था. रोहतक ते जावे था भिवानी. कलनौर आते ही टी.टी आ गया टिकट चेक करण. ताऊ धोरे जा के बोल्या , ला ताऊ टिकट दिखा. ताऊ ने अपणा झोला खोल्या , लत्ता के बीच मै ते एक प्लास्टिक् की थैली काढी, ऊस्के माह् ताऊ ने रोटी बान्ध रखी थी. रोटी के बीच ताऊ ने धर राख्या धडी पक्का चूर्मा. ताऊ ने धीरे धीरे चूर्मे मे हाथ घुमा के टिकट काढि अर टी.टी कान्नी बढा दी. टी.टी ने टिकट का हाल देख्ह्य, कती ए चीकणी पडी थी. छो मे आ के बोल्या , अह रे ताऊ यो भी किम्मे धरण की जगह सै? सारी टिकट भुन्डी ढाल चिकणी कर दी, इस्मे के देखू मै? ताऊ लाहप्सी सा मुह बना के बोल्या , के करू बेटा बुड्डा आदमी सू , टिकट् कद्दे खू न जा, इसे खातिर घ्हणी सम्भाल् के धर रखी थी. टी.टी बोल्या, चूर्मे ते सेफ जगह् कौणी थी? न्यू कह् के टी. टी आगे चला गया. ऊसी ताऊ धोरे एक दूसरा ताऊ भी बैठ्या था, वा न्यू बोल्या अह रे बावली बूच, चूर्मा भी कोई टिकट धरण् कि जगह् से ? तू भी बुढापे मै कती बावला हो गया. ताऊ शैड् देनी सी बोल्या, इसा बावला भी ना सू, २ साल ते इसी टिकट पे सफ़र कर रहया सू.

Wednesday, July 16, 2008

हरियाणवी मखौल - मुँह दुक्खै स‌ै

हरियाणवी मखौल - मुँह दुक्खै स‌ै
एक बै फत्तू खेत म्ह रेडियो स‌ुणे था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी, बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली म्ह... फत्तू नै देख्या पाच्छै नाका टूट्या पड़्या स‌ै, अर बाणी दूसरे के खेत म्ह जाण लाग रहया स‌ै। फत्तू छोंह म्ह आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या - दूर-दूर की बताण लाग री स‌ै, लवै नाका टूट्या पड़या स‌ै, यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै स‌ै।

सबकी कब्र खोद द्‌यूंगा

सबकी कब्र खोद द्‌यूंगा
ल्यो जी या दकान खोले तो मीन्ने होग्ये अर म्‌हूरत कर्‌या कोनी। इस्सै खातर आज दकान का म्‌हूरत कर्‌या सूं, देक्खां किसी बोणी होवै सै।

घुग्घू कब्र खोदण का काम कर्‌या करदा था। एक बर इसा होया अक गाम म्ह दो-तीन साल बरसात कोनी होई तो धरती करड़ी होग्यी अर घुग्घू नै कब्र खोददी हाण घणा जोर लगाणा पड़दा। एक दिन गाम म्ह खूब बरसात होई तो घुग्घू सरपंच धौरे गया अर बोल्या, सरपंच साब गाम म्ह रुक्का मरवा द्‌यो अक सारे गाम आले आकै अपणी कब्र का माप दे जावैं, इब धरती नरम होरी सै सबकी कब्र खोद द्‌यूंगा।